थाम ले खुद को हिंदुस्तान


ठहर जा ए हिन्दुस्तान कुछ और दिन बाकी है
थाम ले खुदको हिंदुस्तान  ये जंग अभी बाकी है
आयेंगे वो दिन जल्दी जब हम नाचेंगे गाएंगे खुशियां साथ मनाएंगे
खिलेगी फिर से नन्हे चेहरों पर फिर से वो मुस्कान
बांध ले खुद पैरों को क्योंकी इतिहास पे पैरों की छाप अभी बाकी है

थाम ले खुदको हिंदुस्तान अभी पूरा ज़ोर लगाना बाकी है
लौटना है फिर से ज़िन्दगी को पहियों पे ताकि फिर से वो पकड़े रफ़्तार
चलाना है फिर से उस अशोक के चक्र को जोरों से
फिर लौट सके हर चेहरे की खोई मुस्कान

हौसला फिर से करले हिंदुस्तान इस मुसीबत में
जीत जाना हमें अब की बार इस युद्ध में
बनजाना है सहारा फिर एक दूजे का
हो जाना गिर कर खरे हमें अब की बार
बस थाम ले खुदको हिंदुस्तान फिर से इस बार
क्योंकि फिर से मुस्कुराएगा हिंदुस्तान अब की बार





    

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